800 पाउंड के गोरिल्ला जितना भारी-भरकम मार्केटिंग बजट सुनकर कैसा लगता है? अव्यावहारिक? Nielsen के अध्ययन के अनुसार मार्केटिंग बजट का 60% हिस्सा हर साल 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक होता है। जी हाँ, यह वाकई हो रहा है और पूरी तरह व्यावहारिक है।
ट्रेड प्रमोशन तेज़ी से लोकप्रिय हो रहे हैं, क्योंकि हाल के समय में इन्होंने उत्साहजनक नतीजे दिखाए हैं। कोविड के बाद B2B कॉमर्स अनुमानों से 10 गुना अधिक बढ़ा है, और टेक्नोलॉजी ने भी ट्रेड प्रमोशन में रचनात्मकता बढ़ाने में योगदान दिया है। क्या आप अब भी असमंजस में हैं कि ट्रेड प्रमोशन आखिर है क्या?
ट्रेड प्रमोशन क्या है
ट्रेड प्रमोशन एक मार्केटिंग रणनीति है जिसमें निर्माता रिटेल बाज़ार में अपने प्रोडक्ट की मांग बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं। इसके लिए डिस्ट्रीब्यूशन और रिटेल चैनलों को प्रोत्साहन (इंसेंटिव) भी दिया जाता है, ताकि वे प्रमोशनल गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लें। ट्रेड प्रमोशन की गतिविधियाँ वैल्यू-ऐडेड बोनस, उपहार, विशेष मूल्य निर्धारण और ऐसी कई चीज़ों पर आधारित होती हैं। अंततः, ट्रेड प्रमोशन सिर्फ प्रोडक्ट बेचने तक सीमित नहीं है — यह ब्रांड वैल्यू बढ़ाने, प्रतिष्ठा कमाने, भरोसा जीतने, ग्राहकों को बनाए रखने और यह समझने के बारे में भी है कि क्या कारगर है।
B2B कॉमर्स में रिटेल प्रमोशन के प्रकार
1. इन-स्टोर डिस्प्ले
किसी खास शेल्फ़ पर अपने प्रोडक्ट रखवाने में कुछ खर्च आ सकता है, लेकिन इसका फायदा आपको मिलता है। ध्यान खींचने के लिए एंड कैप सबसे लोकप्रिय साधनों में से एक हैं। POP प्लेसमेंट के अपने फायदे हैं, क्योंकि ये उपभोक्ता को तुरंत (इम्पल्सिव) खरीदारी के लिए प्रेरित करते हैं। इसके अलावा फ़्लोर स्टिकर, बैनर, प्रोडक्ट डेमो, लाइफ़-साइज़ स्टैंड, पोस्टर जैसे और भी कई उदाहरण हैं।
2. डील और डिस्काउंट
सभी खरीदार प्रोडक्ट की अन्य जानकारियों से पहले कीमत के बारे में सोचते हैं। होलसेल खरीदार भी इसी तरह सोचते हैं। डील और डिस्काउंट खरीदार को यह तसल्ली देते हैं कि वे ज़रूरत से ज़्यादा पैसा खर्च नहीं कर रहे। साथ ही, ये तरकीबें नए खरीदारों को कम से कम एक बार प्रोडक्ट आज़माने के लिए प्रेरित करती हैं।
3. कैशबैक
हर खरीद पर कुछ पैसा वापस मिलना एक छोटी-सी आमदनी जैसा लगता है। यह वाकई बहुत उत्साह बढ़ाने वाली तरकीब है। खरीदार एक निश्चित अवधि में अधिक प्रोडक्ट खरीदने लगते हैं ताकि उन्हें ज़्यादा पैसा वापस मिले, जिससे ग्राहक प्रतिधारण (रिटेंशन) बढ़ता है।
4. सेल्स कॉन्टेस्ट
प्रतियोगिताएँ हमेशा रोमांचक होती हैं — हारने वालों को भी कुछ सीख और मज़ा मिलता है। लेकिन जीतने वाले को सबसे बड़ा इनाम मिलता है। सेल्स कॉन्टेस्ट में निर्माता या ब्रांड सबसे ज़्यादा प्रोडक्ट बेचने वाले के लिए इनाम की घोषणा करके रिटेलरों को अधिक बिक्री के लिए प्रेरित करता है।
5. कूपन
Valassis की एक रिपोर्ट के अनुसार 70% खरीदार अलग-अलग ऑनलाइन या ऑफ़लाइन स्रोतों से मिले कूपन का इस्तेमाल करते हैं। यह पहले से ही कई लोगों द्वारा अपनाई जाने वाली लोकप्रिय तरकीब है; और अगर आप अब तक इसका इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो तुरंत शुरू कर दीजिए।
6. फ्री सैंपल
कोई भी, सचमुच कोई भी, फ्री सैंपल को मना नहीं करता। सैंपल परीक्षण के लिए प्रोडक्ट की बहुत छोटी मात्रा होती है। जब आप इन्हें मुफ़्त में देते हैं, तो आपकी लागत बहुत कम आती है, लेकिन यह उपयोगकर्ता को वफ़ादार ग्राहक में बदल सकता है। साथ ही, इससे ब्रांड वैल्यू भी बढ़ती है।
ट्रेड प्रमोशन क्यों महत्वपूर्ण हैं
- ऑर्डर का आकार बढ़ाने के लिए: PWC के एक सर्वे के अनुसार, अगर ट्रेड प्रमोशन सही ढंग से किए जाएँ, तो ये आपके मुनाफ़े में 10% से 15% तक की बढ़ोतरी कर सकते हैं। जैसे-जैसे प्रोडक्ट की पहुँच बढ़ती है, नए संभावित खरीदार भी ग्राहक बनते जाते हैं।
- ऑर्डर-टू-कैश साइकल तेज़ करने के लिए: तात्कालिकता की भावना या FOMO (Fear Of Missing Out) का इस्तेमाल करके निर्माता अपनी बिक्री तेज़ करते हैं, जिससे राजस्व बढ़ता है। साथ ही, इससे लागत भी कम होती है।
- होलसेल ग्राहकों के साथ रिश्ते बेहतर करने के लिए: ऑनलाइन चैनल अब सेल्स रेप के साथ सीधे जुड़ाव की जगह लेते जा रहे हैं। लेकिन ट्रेड प्रमोशन खरीदारों को खुद खरीदारी करने का अवसर देते हैं, जिससे सीधा रिश्ता बनता है और ग्राहक प्रतिधारण बेहतर होता है।
भारत में होलसेल डिस्ट्रीब्यूशन में टेक्नोलॉजी को अभी लंबा सफ़र तय करना है। ट्रेड प्रमोशन के फायदे स्पष्ट हैं, लेकिन इन्हें सही ढंग से लागू करना कहने जितना आसान नहीं है। हमसे संपर्क करें और जानें कि अग्रणी ब्रांड और डिस्ट्रीब्यूटर अपने ट्रेड प्रमोशन की योजना और क्रियान्वयन कैसे करते हैं।